भारत में कार खरीदना जितना रोमांचक होता है, उतना ही ज़रूरी होता है उसके लिए सही इंश्योरेंस प्लान चुनना। अक्सर लोग सिर्फ़ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी ले लेते हैं, लेकिन दुर्घटना या अचानक हुए नुकसान के समय उन्हें पता चलता है कि कवरेज पर्याप्त नहीं है। इसलिए सही कार इंश्योरेंस चुनना सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं… यह आपकी आर्थिक सुरक्षा, कार की लाइफ और आपके मन की शांति से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय है।
अगर आप सोच रहे हैं, “How to get best insurance plan for car?”, तो इस पूरे आर्टिकल में आपको एकदम आसान भाषा में स्टेप-बाय-स्टेप समझाया गया है कि भारत में कौन-सा कार इंश्योरेंस आपके लिए बेस्ट रहेगा, क्या-क्या बातें ध्यान रखनी चाहिए, कैसे तुलना करनी चाहिए, कौन-कौन से ऐड-ऑन ज़रूरी हैं, और क्या गलतियाँ बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
चलिए, शुरू करते हैं भारत का सबसे विस्तृत, प्रैक्टिकल और यूज़र-फोकस्ड कार इंश्योरेंस गाइड।
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Why Car Insurance Matters? (क्यों कार इंश्योरेंस ज़रूरी है?)
भारत में सड़क दुर्घटनाएँ आम बात हैं। चाहे आप कितनी भी सावधानी से ड्राइव करें, आप सड़क पर बाकी ड्राइवर्स को नियंत्रित नहीं कर सकते। यही कारण है कि सरकार ने थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस को कानूनी रूप से अनिवार्य किया है।
सही इंश्योरेंस लेने से आपको फायदे मिलते हैं:
- दुर्घटना में आर्थिक नुकसान से बचाव
- तीसरे पक्ष को हुए नुकसान का भुगतान
- कार चोरी या टोटल लॉस की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा
- प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, भूकंप, आग) से सुरक्षा
- मानसिक शांति और तनाव-मुक्त ड्राइविंग
भारत में कार इंश्योरेंस के प्रकार (Types of Car Insurance)

1. थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी इंश्योरेंस (TP Insurance)
यह भारत में न्यूनतम कानूनी आवश्यकता है। बिना TP इंश्योरेंस वाहन चलाना अपराध है।
कवर करता है:
- तीसरे व्यक्ति को शारीरिक नुकसान
- तीसरे व्यक्ति की वाहन/संपत्ति की क्षति
- कानूनी दायित्व
कवर नहीं करता है:
- आपकी अपनी कार का नुकसान
- कार की चोरी
- प्राकृतिक आपदा से नुकसान
यह पॉलिसी सस्ती होती है, लेकिन सिर्फ़ इसलिए TP पॉलिसी लेना समझदारी नहीं है।
2. Comprehensive Car Insurance (कम्प्रीहेंसिव इंश्योरेंस)
अगर आप यह समझना चाहते हैं कि How to get best insurance plan for car, तो इसका पहला उत्तर यही है—कम्प्रीहेंसिव पॉलिसी।
क्यों? क्योंकि यह दोनो चीजें कवर करती है:
- थर्ड-पार्टी लाइबिलिटी
- आपकी कार का अपना नुकसान (Own Damage)
Comprehensive Insurance कवर करता है:
- दुर्घटनाएँ
- चोरी
- आग
- दंगे/तोड़फोड़
- प्राकृतिक आपदाएँ
- एक्सीडेंटल ड्राइवर कवरेज (अगर जोड़ा जाए)
यह पैकेज उन लोगों के लिए बेस्ट है जो अपनी कार को सुरक्षित रखना चाहते हैं।
3. Standalone Own Damage Insurance (OD Policy)
यह सिर्फ़ आपकी कार के नुकसान को कवर करता है।
आपको इसे थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के साथ अलग से लेना पड़ता है।
OD पॉलिसी तब उपयोगी होती है जब आप थर्ड-पार्टी के लिए पहले से मल्टी-ईयर TP पॉलिसी ले चुके हों और हर साल OD पॉलिसी बदलना चाहते हों।
अपनी ज़रूरतों का विश्लेषण कैसे करें? (How to Assess Your Needs)
सही पॉलिसी चुनने का पहला कदम है खुद को समझना—आपकी कार कैसी है, आप उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं और आपको किन जोखिमों से बचाव चाहिए।
1. कार की उम्र और मॉडल का महत्व
- नई कार के लिए Zero Depreciation + Comprehensive पॉलिसी सबसे बेहतर।
- पुरानी कार (>7–8 साल) के लिए Zero Dep संस्करण लेना उतना फायदेमंद नहीं, लेकिन comprehensive insurance अभी भी बेहतर है।
2. कार की उपयोगिता (Usage Pattern)
- अगर आप रोज़ लंबी दूरी ड्राइव करते हैं → अधिक जोखिम → बेहतर कवरेज चाहिए।
- अगर कार कम उपयोग होती है → प्रीमियम कम रखने के लिए सही ऐड-ऑन चुनें।
3. Insured Declared Value (IDV) समझें
यह आपकी कार की वर्तमान मार्केट वैल्यू होती है जिसे कंपनी टोटल लॉस या चोरी की स्थिति में देती है।
ध्यान रखें:
- अधिक IDV → अधिक प्रीमियम
- कम IDV → कम प्रीमियम लेकिन कम क्लेम राशि
कुछ लोग प्रीमियम कम करने के चक्कर में IDV बहुत कम चुन लेते हैं, जो गलत है।
4. डिडक्टिबल्स (Deductibles)
यह वह राशि है जो आप क्लेम के दौरान अपनी जेब से भरते हैं।
प्रकार:
- Compulsory Deductible: सरकार द्वारा तय
- Voluntary Deductible: खुद तय करते हैं
अगर आप अच्छी ड्राइविंग करते हैं और जोखिम कम है, तो voluntary deductible बढ़ाकर प्रीमियम कम कर सकते हैं।
ऑनलाइन पॉलिसी तुलना कैसे करें? (How to Compare Policies Online)

भारत में अब ज्यादातर लोग Policybazaar, InsuranceDekho या कंपनी वेबसाइट (TATA AIG, ICICI Lombard, SBI General आदि) से सीधे इंश्योरेंस खरीदते हैं।
तुलना करते समय सिर्फ़ प्रीमियम मत देखें। ये 6 चीजें ज़रूरी हैं:
1. कवरेज (Coverage Limits)
क्या पॉलिसी केवल TP + OD कवर करती है या कुछ और भी शामिल है?
2. Claim Settlement Ratio (CSR)
CSR बताता है कि कंपनी ने कितने क्लेम सेटल किए हैं।
CSR बेहतर हो (90%+), तो विश्वसनीयता अधिक।
3. Cashless Garage Network
नजदीक में कंपनी के ज़्यादा कैशलैस गैरेज हों तो मरम्मत जल्दी और आसान होती है।
Tier-2 और Tier-3 शहरों में यह और भी महत्वपूर्ण है।
4. Premium vs Coverage Analysis
सिर्फ़ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी नहीं लेनी चाहिए।
कई बार ₹200–₹300 ज़्यादा देकर काफी बेहतर कवरेज मिल जाता है।
5. Customer Service & Claim Process
कंपनी का मोबाइल ऐप, WhatsApp claim, paperless process आदि देखें।
6. Add-on Options
हर पॉलिसी में सभी ऐड-ऑन उपलब्ध नहीं होते। तुलना करते वक़्त इन्हें ध्यान से चेक करें।
कौन-कौन से Add-ons सबसे महत्वपूर्ण हैं?
सही ऐड-ऑन आपके इंश्योरेंस को 10 गुना बेहतर बना सकते हैं।
ज़रूरी ऐड-ऑन:
1. Zero Depreciation Cover (बम्पर-टू-बम्पर कवर)
नई कार या 5 साल तक की कार के लिए MUST-HAVE।
मरम्मत में पार्ट्स के depreciation की कटौती नहीं होती, और आपको लगभग पूरा खर्च मिलता है।
2. Roadside Assistance (RSA)
भारत में खराब सड़कें, हाइवे पर ब्रेकडाउन और टायर पंचर आम बात है। RSA मिलने पर आपको मिलता है:
- टोइंग
- इमरजेंसी फ्यूल
- बैटरी जंप स्टार्ट
- फ्लैट टायर बदलना
- ऑन-साइट मैकेनिक
3. Engine Protection Cover
अगर आप ऐसे शहर में रहते हैं जहाँ बारिश में जलभराव होता है (जैसे मुंबई, चेन्नई, कोलकाता), तो यह ऐड-ऑन जीवनरक्षक है।
इंजन में पानी घुसने से होने वाला नुकसान सामान्य पॉलिसी में कवर नहीं होता!
4. Return to Invoice (RTI)
यह चोरी या टोटल लॉस में कार का पूरा इनवॉइस वैल्यू देता है (ex-showroom, road tax, registration आदि सहित)।
नई कारों के लिए यह ऐड-ऑन बहुत फायदेमंद है।
5. No Claim Bonus (NCB) Protector
अगर आपने कई वर्षों से क्लेम नहीं किया और अच्छा NCB जमा कर लिया है, यह ऐड-ऑन लेने से एक-दो छोटे क्लेम करने पर भी आपका NCB नहीं कटता।
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Discounts कैसे पाएं? (How to Reduce Premium)

NCB Discount
क्लेम न करने पर 20% से 50% तक की छूट।
Anti-Theft Devices
AIS-मान्य डिवाइस लगवाने से प्रीमियम कम होता है।
Higher Voluntary Deductible
यदि आप सुरक्षित ड्राइवर हैं, तो यह विकल्प बेहतर है।
Online Buying
ऑनलाइन पॉलिसी हमेशा एजेंट वाली पॉलिसी से सस्ती पड़ती है।
Timely Renewal
लेट रिन्यूअल पर NCB खत्म हो जाता है।
How to Get Best Insurance Plan for Car – Step-by-Step Guide

यहाँ पूरा प्रोसेस आसान भाषा में:
Step 1: अपनी कार और ड्राइविंग पैटर्न को समझें
IDV, usage, location risk, driver profile आदि के आधार पर ज़रूरतें तय करें।
Step 2: Comprehensive Plan चुनें
अगर कार नई या महंगी है, तो कोई दूसरा विकल्प है ही नहीं।
Step 3: ऑनलाइन Comparison करें
3–4 कंपनियों का प्रीमियम + कवरेज compare करें।
Step 4: ज़रूरी Add-Ons जोड़ें
Zero Dep, RSA, Engine Protect, NCB Protect आदि।
Step 5: Cashless Garage Network चेक करें
आपके शहर में कितने गैरेज हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है।
Step 6: Terms & Conditions पढ़कर खरीदें
Claim process, exclusions आदि जरूर पढ़ें।
Step 7: हर साल रिन्यू करें और NCB बनाए रखें
आम गलतियाँ जो लोग अक्सर करते हैं (Mistakes to Avoid)
- सिर्फ़ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी लेना
- Zero Dep नहीं लेना
- IDV बहुत कम रखना
- कार की उम्र के हिसाब से पॉलिसी अपडेट नहीं करना
- कैशलैस नेटवर्क चेक नहीं करना
- एजेंट के बहकावे में आकर अनावश्यक ऐड-ऑन ले लेना
कौन-सी कंपनी सबसे अच्छी है? (Which insurer is best?)
“कौन-सी कंपनी सबसे अच्छी है?”—इसका कोई एक सही जवाब नहीं है।
लेकिन आप इन मापदंडों से खुद निर्णय ले सकते हैं:
Claim Settlement Ratio
Customer reviews
App-based claim process
Cashless garage network
Premium affordability
Add-on availability
TATA AIG, ICICI Lombard, HDFC Ergo, Bajaj Allianz, SBI General जैसी कंपनियाँ आमतौर पर अच्छी मानी जाती हैं।
Practical Examples (User Scenarios)

Case 1: Shubham – नई Maruti Baleno Owner
- Daily usage
- City roads
- नई कार
Best Plan: Comprehensive + Zero Dep + RSA + RTI → MAX protection।
Case 2: Riya – 8-year old Swift
- Limited usage
- Small city
- Budget-conscious
Best Plan: Comprehensive + RSA (Zero Dep की बहुत ज़रूरत नहीं)
Case 3: Amit – SUV Owner, flood-prone city
Best Plan: Comprehensive + Engine Protector + Zero Dep + RSA
FAQs on How to Get Best Insurance Plan for Car
1. भारत में सबसे अच्छा कार इंश्योरेंस कौन सा है?
कोई एक कंपनी या पॉलिसी “सबसे अच्छी” नहीं होती। सबसे अच्छा वही है जो आपकी कार, आपकी स्थिति और आपके बजट के लिए सही हो।
2. Zero Depreciation कब लेना चाहिए?
नई कार या 5 साल तक की कारों के लिए Zero Dep जरूरी है।
3. क्या Comprehensive पॉलिसी जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन यह आपकी खुद की कार को भी सुरक्षा देती है, इसलिए सबसे सुरक्षित विकल्प है।
4. IDV क्या होता है?
IDV आपकी कार की वर्तमान मार्केट वैल्यू है, जो चोरी या टोटल लॉस केस में आपको मिलती है।
5. क्लेम करने से NCB खत्म होता है क्या?
हाँ, लेकिन NCB Protector ऐड-ऑन लेकर आप इसे बचा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना और सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। नियम, प्रीमियम और फीचर समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी पॉलिसी को खरीदने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँच लें।
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Raj Prajapati, Senior Content Writer, brings 4 years of blogging expertise. He writes how-to tutorials, lifestyle articles, and career-focused content that helps readers make informed decisions.