How To Transfer Car Ownership Online: Step by Step Guide in Hindi

भारत में सेकंड-हैंड कारों का बाजार लगातार बढ़ रहा है। लोग नई कारों की तुलना में अच्छी स्थिति वाली उपयोग की गई कारों को प्राथमिकता देने लगे हैं। लेकिन कार का मालिकाना हक बदलना यानी ओनरशिप ट्रांसफर आज भी बहुत से लोगों के लिए जटिल प्रक्रिया लगता है। डिजिटल प्रणाली आने के बावजूद प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को लेकर जागरूकता की कमी देखने को मिलती है। इसीलिए यह लेख आपको विस्तार से बताएगा कि how to transfer car ownership online और इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी एजेंट, बिना किसी परेशानी के कैसे पूरा किया जाए।

यह गाइड सरकारी पोर्टल Parivahan Sewa पर आधारित है और 2025 में लागू होने वाले ताज़ा नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें आपको हर वह जानकारी मिलेगी जिसकी मदद से आप स्वयं अपनी कार का नाम नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर कर सकेंगे।

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Table of Contents

ऑनलाइन कार ओनरशिप ट्रांसफर करना क्यों ज़रूरी है?

कार बेचने के बाद अगर नाम ट्रांसफर नहीं किया जाता तो कई जोखिम पुराने मालिक पर बने रहते हैं। कानून के अनुसार जब तक RC में नया मालिक दर्ज नहीं होता, वाहन की कानूनी जिम्मेदारी पुराने मालिक पर ही रहती है। यदि कार किसी दुर्घटना, ट्रैफिक उल्लंघन, या गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होती है, तो पहला नोटिस उसी के नाम आएगा जिसकी RC में एंट्री होगी। इसलिए ओनरशिप ट्रांसफर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा और जवाबदारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू है।

इसके अलावा बीमा (insurance) और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) जैसी सेवाओं में भी नई जानकारी अपडेट करने के लिए RC का अपडेट होना आवश्यक है। इसी कारण आपको कार बेचते समय यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ट्रांसफर की प्रक्रिया समय पर पूरी हो।


भारत में Transfer of Ownership की प्रक्रिया आधी ऑनलाइन क्यों और कैसे है?

लोग अक्सर सोचते हैं कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के बाद हर प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। लेकिन वाहन पंजीकरण से जुड़े नियम राज्य सरकारों के अधीन आते हैं, इसलिए देशभर में सभी RTO कार्यालयों ने अभी तक 100% डिजिटल प्रोसेस को लागू नहीं किया है।

वर्तमान में स्थिति यह है:

  • आवेदन से जुड़े सभी जरूरी चरण ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
  • भुगतान (payment) पूरी तरह ऑनलाइन संभव है।
  • फॉर्म डाउनलोड व प्रिंटिंग ऑनलाइन है।
  • लेकिन दस्तावेज़ों के मूल प्रतियों की जांच RTO में ही की जाती है।

इसका अर्थ है कि how to transfer car ownership online का उत्तर यह है कि प्रक्रिया डिजिटल रूप से शुरू होती है, लेकिन उसका अंतिम चरण अभी भी ऑफलाइन ही पूरा होता है।


चलिए अब स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं- How To Transfer Car Ownership Online

How To Transfer Car Ownership Online: Step by Step Guide in Hindi
How To Transfer Car Ownership Online

Step 1: Parivahan Sewa पोर्टल पर जाएं और प्रक्रिया प्रारंभ करें

ऑनलाइन ट्रांसफर की शुरुआत सरकारी वेबसाइट Parivahan Sewa से होती है। यह वेबसाइट वाहन संबंधित लगभग हर सेवा को डिजिटल रूप से उपलब्ध कराती है। यहां सबसे पहले आपको “Online Services” सेक्शन में जाकर “Vehicle-Related Services” चुनना होगा। इसके बाद आपके सामने एक विकल्प आएगा जिसमें आपको अपना राज्य और RTO कार्यालय चुनना है।

कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भरते ही पोर्टल आपको अगले चरण में ले जाएगा। यह शुरुआती प्रक्रिया आवश्यक है जिससे सिस्टम यह सुनिश्चित कर सके कि आवेदन भरने वाला व्यक्ति वास्तव में वाहन से जुड़ी जानकारी रखता है।


Step 2: वाहन की जानकारी सत्यापित करें और आवेदन शुरू करें

कार का रजिस्ट्रेशन नंबर डालने के बाद सिस्टम आपके सामने वाहन की बेसिक जानकारी दिखाएगा। अब आपको चेसिस नंबर के अंतिम पाँच अंक दर्ज करने होते हैं। यह सुरक्षा के लिए एक अनिवार्य सत्यापन है।

इसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाता है। OTP का उपयोग सत्यापन के लिए किया जाता है ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति वाहन के दस्तावेज पर बदलाव न कर सके।

OTP दर्ज करते ही आपको Application Selection मेन्यू में जाना होता है और वहां से “Transfer of Ownership” का विकल्प चुनना होता है। प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण यही है क्योंकि यहीं से आप खरीदार (Buyer) की जानकारी भरते हैं।


Step 3: नए मालिक की जानकारी और अन्य विवरण दर्ज करें

अब आप आवेदन के मुख्य फॉर्म में पहुंच चुके हैं। यहां आपको खरीदार की सभी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होती है। इसमें शामिल है:

  • पूरा नाम
  • पिता या पति का नाम
  • वर्तमान पता
  • स्थायी पता
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल ID
  • बीमा की जानकारी
  • PUC प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारी

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बीमा और PUC दोनों का valid होना अनिवार्य है। यदि ये दस्तावेज़ एक्सपायर हैं तो RTO आवेदन को आगे नहीं बढ़ाता। इसलिए बेहतर है कि आवेदन भरने से पहले ही दोनों को अपडेट करा लिया जाए।


Step 4: ऑनलाइन फीस भुगतान करें

Many people searching on the internet for “how to transfer car ownership online” often get confused about the exact fee structure. हालांकि फीस राज्यों के हिसाब से अलग हो सकती है, लेकिन सामान्यत: कार के नामांतरण की लागत लगभग 300 से 500 रुपये के बीच होती है। इसके अतिरिक्त स्मार्ट कार्ड शुल्क भी लिया जा सकता है।

फीस का भुगतान UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने के साथ ही सिस्टम आपके लिए आवश्यक फॉर्म्स — Form 29 और Form 30 — स्वतः ही जनरेट कर देता है।

ये दोनों फॉर्म प्रिंट करके खरीदार और विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर करवाना अनिवार्य होता है।


Step 5: आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी

How To Transfer Car Ownership Online: Step by Step Guide in Hindi
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कार ओनरशिप ट्रांसफर में विभिन्न दस्तावेज आवश्यक होते हैं। किश्ती-समाप्ति, मालिक का परिवर्तन, बीमा अपडेट और कानूनी सुविधा के लिए इन सभी दस्तावेजों का पूरा होना अत्यंत जरूरी है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

1. मूल RC (Original Registration Certificate)
यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके बिना किसी भी प्रकार का वाहन परिवर्तन संभव नहीं।

2. Form 29 और Form 30 (दोनों के हस्ताक्षर सहित)
ये फॉर्म Parivahan पोर्टल से डाउनलोड किए जाते हैं और इन्हें हस्ताक्षरित करना जरूरी होता है।

3. वाहन बीमा प्रमाणपत्र (Valid Insurance Certificate)

4. प्रदूषण नियंत्रित प्रमाणपत्र (PUC)

5. PAN कार्ड (दोनों की कॉपी), या Form 60

6. पहचान व पते के प्रमाण
जैसे आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, बिजली का बिल, पानी का बिल आदि।

7. चेसिस और इंजन की पेंसिल प्रिंट
यह अक्सर RTO अधिकारी द्वारा जांच के लिए मांगा जाता है।

8. खरीदार की पासपोर्ट साइज फोटो

9. NOC (यदि इंटर-स्टेट ट्रांसफर है)

10. Bank NOC + Form 35 (अगर कार लोन पर थी)

इन दस्तावेजों की उपलब्धता यह सुनिश्चित करती है कि RTO आपके आवेदन को बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर ले।


Step 6: सभी दस्तावेज अपने RTO में जमा करें

यही वह जगह है जहां कई लोग गलती कर बैठते हैं और सोचते हैं कि केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने भर से ओनरशिप ट्रांसफर हो गया। वास्तविकता यह है कि जब तक दस्तावेज़ RTO कार्यालय में नहीं पहुंचते, तब तक ट्रांसफर प्रक्रिया अधूरी रहती है।

दस्तावेज RTO में दो तरीकों से जमा किए जा सकते हैं:

  1. स्वंय जाकर
  2. डाक द्वारा (Speed Post)

यदि आप डाक द्वारा दस्तावेज़ भेज रहे हैं तो रसीद संभालकर रखना जरूरी है ताकि आप ट्रैकिंग के माध्यम से पता कर सकें कि दस्तावेज़ सुरक्षित पहुंच चुके हैं या नहीं।


Step 7: RTO द्वारा सत्यापन और RC अपडेट

RTO ऑफिस आपके सभी दस्तावेजों की जांच करता है। कई मामलों में वाहन का भौतिक निरीक्षण (physical inspection) भी कराया जाता है। दस्तावेज़ और जांच में सब ठीक होने पर नया स्मार्ट कार्ड RC तैयार किया जाता है और इसे नए मालिक के पते पर भेज दिया जाता है।

यह पूरी प्रक्रिया लगभग 15 से 30 दिन का समय ले सकती है, जबकि कुछ महानगरों में यह अवधि थोड़ी अधिक भी हो सकती है।

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Inter-State Transfer: अगर खरीदार दूसरे राज्य का है

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इस स्थिति में प्रक्रिया थोड़ा विस्तृत हो जाती है। पुराने राज्य से NOC लेना जरूरी होता है। नए राज्य में Re-registration करना और वहां का रोड टैक्स जमा करना पड़ सकता है। कई बार वाहन को नया नंबर भी मिल जाता है। यही कारण है कि इंटर-स्टेट ट्रांसफर को सामान्य ट्रांसफर की तुलना में अधिक समय लगता है।


लोग ओनरशिप ट्रांसफर में सबसे अधिक कौन सी गलतियाँ करते हैं?

  • बीमा और PUC को अपडेट नहीं कराना
  • हस्ताक्षर में भिन्नता रह जाना
  • आधा आवेदन ऑनलाइन भरकर छोड़ देना
  • गलत RTO क्षेत्र चुन लेना
  • Loan Hypothecation क्लियर न कराना
  • फॉर्म सही तरीके से हस्ताक्षर न करना

इन गलतियों से बचकर आप प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कर सकते हैं।


RC Transfer Status कैसे ट्रैक करें?

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Parivahan पोर्टल पर “Know Your Application Status” विकल्प में आवेदन संख्या भरकर आप आसानी से अपने RC ट्रांसफर की प्रगति देख सकते हैं। यह सुविधा बेहद उपयोगी है, क्योंकि इसके माध्यम से आपको RTO के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

निष्कर्ष: क्या खुद से कार का नाम ट्रांसफर करना आसान है?

पूरी प्रक्रिया को देखें तो कार का नाम बदलना उतना कठिन नहीं जितना बताया जाता है। सही दस्तावेज़, Parivahan पोर्टल की जानकारी और आवेदन को ध्यान से भरने पर आप आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। एजेंट की आवश्यकता केवल उन्हीं मामलों में पड़ती है जहां इंटर-स्टेट ट्रांसफर या अन्य जटिल परिस्थितियाँ हों।

यदि आप इंटरनेट पर लगातार “how to transfer car ownership online” खोज रहे थे, तो यह गाइड आपके लिए सबसे सरल और संपूर्ण समाधान है।


FAQs on How To Transfer Car Ownership Online

1. क्या कार ओनरशिप ट्रांसफर पूरी तरह ऑनलाइन हो सकता है?

नहीं, आवेदन और भुगतान ऑनलाइन होते हैं लेकिन दस्तावेज़ RTO में जमा करना आवश्यक है।

2. ओनरशिप ट्रांसफर में कुल फीस कितनी लगती है?

सामान्यतः 300 से 500 रुपये के बीच। कुछ राज्यों में अतिरिक्त स्मार्ट कार्ड शुल्क लगता है।

3. क्या बीमा ट्रांसफर अनिवार्य है?

हाँ, RC बदलने के बाद वाहन बीमा में भी नए मालिक की जानकारी अपडेट करना आवश्यक है।

4. क्या वाहन की भौतिक जांच (Inspection) जरूरी होती है?

कुछ मामलों में हाँ, खासकर जब कार पुरानी हो या दस्तावेज़ों में कुछ बदलाव हों।

5. इंटर-स्टेट ट्रांसफर में क्या अतिरिक्त दस्तावेज लगते हैं?

NOC, Road Tax Payment और Re-registration के दस्तावेज अनिवार्य हैं।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वाहन नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। कृपया किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया के लिए अपने स्थानीय RTO या सरकारी पोर्टल से ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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